दोनों सदनों को सम्बोधित करते हुए प्रणव मुखर्जी ने किया नोटबंदी का उल्लेख

नई दिल्ली : मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को गरीबों के हित में साहसिक निर्णय बताते हुये राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि यह काला धन, भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवादियों के लिए धन की उपलब्धता जैसी बुराइयों को खत्म करने के लिए था।

संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुये मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने पिछले साल 08 नवम्बर को काला धन, भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवादियों के लिए धन की उपलब्धता जैसी बुराइयाँ खत्म करने के लिए 500 और एक हजार रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का निर्णय लिया।

राष्ट्रपति के अभिभाषण में नोटबंदी का उल्लेख किये जाने पर प्रधानमंत्री समेत सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपा कर स्वागत किया। राष्ट्रपति ने सरकार के काला धन पर अंकुश लगाने के लिए उठाये गये कदमों का जिक्र करते हुये कहा कि नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल का सबसे पहला निर्णय काले धन पर विशेष जाँच दल गठित करना था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सिंगापुर, साइप्रस और मॉरिशस के जरिये देश में आने वाले काला धन और कर चोरी को रोकने के लिये काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिनियम, 2015 को लागू करना और बेनामी संपत्ति लेन-देन ( प्रतिबंध) संशोधन अधिनियम 2016 को पारित किया। उन्होंने कहा कि संधियों के प्रावधानों के दुरुपयोग से कर चोरी तथा देश में काले धन की आवाजाही को रोकने के लिये सिंगापुर, साइप्रस और मॉरिशस के साथ संधियों में संशोधन करने तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए काराधान अधिनियम संशोधन पारित करने से काले धन के विरुद्ध एक नीतिगत पहल हुई है।

राष्ट्रपति ने कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये सरकार के भारत इंटरफेश फार मनी (भीम) मोबाइल ऐप को डॉ. भीमराव अंबेडकर की गरीबों का आर्थिक सशक्तिकरण की दृष्टि के प्रति श्रद्धाजंलि बताया। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन में यह ऐप देश में भुगतान के लिए सबसे लोकप्रिय मोबाइल ऐप के रूप में स्थापित हो गया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही आरंभ की जाने वाली बायोमीट्रिक आधार भुगतान प्रणाली भारत में प्रौद्योगिकी क्रांति लायेगी। जनधन आधार मोबाइल के जरिये सब्सिडी के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण कार्यक्रम के अंतर्गत भ्रष्टाचार रुकने से 36 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। सरकार की रसोई गैस सब्सिडी के लिए शुरू की गयी पहल योजना विश्व में सबसे बड़ी नकद लाभ अंतरण योजना है और पिछले दो वर्ष में इससे 21 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। डिजीधन अभियान और दो लाख साझा सेवा केन्द्रों से पाँच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही डिजीटल साक्षरता भी बढ़ी है।

एजेंसी

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