मां के शव को कंधे पर उठाकर करीब 72 किलोमीटर पैदल चला जवान

श्रीनगर,  एक जवान अपनी मां के शव को कंधे पर उठाकर करीब 72 किलोमीटर पैदल सात फीट मोटी बर्फ पर चलकर कुपवाड़ा से 10,700 फीट की ऊंचाई पर अपने पैतृक गांव करनाह पहुंचा।

यह सफर तय करने में उसे पांच दिन का समय लगा। इसमें जवान के रिश्तेदारों व कुछ ग्रामीणों ने भी उसकी मदद की। करनाह में धार्मिक रीति रिवाज के साथ जवान ने अपनी मां को सुपुर्द-ए-खाक किया।

शव को लेकर जाते करीब आठ ग्रामीणों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में ग्रामीण सरकार व स्थानीय विधायक पर मदद न करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, प्रशासन व सेना अब इस मामले पर अपनी सफाई दे रहे हैं।

कुपवाड़ा के करनाह का 25 वर्षीय सैनिक मुहम्मद अब्बास पठानकोट में तैनात है। उसकी मां सकीना बेगम भी उसी के साथ रहती थी। हृदय संबंधी बीमारी के कारण 28 जनवरी को सकीना बेगम की पठानकोट में जवान के क्वार्टर में मौत हो गई।

उसी दिन जवान मां का शव लेकर पहले श्रीनगर और उसके अगले दिन कुपवाड़ा के चौकीबल पहुंचा। करनाह में भारी बर्फबारी के कारण शव को आगे ले जाना संभव नहीं हो सका। कुपवाड़ा-टंगडार सड़क कई फीट बर्फ के नीचे दबी होने के कारण वहां कोई गाड़ी भी नहीं जा सकती थी।

ऐसे में जवान ने कुपवाड़ा जिला प्रशासन से शव को ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर का बंदोबस्त करने के लिए सहयोग मांगा। खराब मौसम होने के कारण उड़ान संभव न होने के कारण 29 जनवरी को जवान ने मां के शव को कंधों पर उठाकर गांव तक पहुंचाने का सफर शुरू कर दिया।

 

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