शशिकला ने बेंगलूरु में किया आत्म समर्पण, चिन्नम्मा अब कैदी नंबर 10711

बेंगलूरु।एआईएडीएमके की महासचिव वी.के.शशिकला नटराजन ने बुधवार शाम शहर के बाहरी इलाके में स्थित परप्पन अग्रहार केंद्रीय जेल परिसर में विशेष अदालत के न्यायाधीश अश्वथ नारायण समक्ष आत्म समर्पण कर दिया।

शशिकला के अलावा जे. इलावरसी तथा वी.एन. सुधाकरन ने भी आत्म समर्पण किया। न्यायाधीश ने तीनों को जेल भेजने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्टने कल हाईकोर्टके पुराने फैसले को पलटते हुए पूर्व में विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखने के निर्देश दिए थे। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उन्हें चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आत्मसमर्पण के लिए 4 सप्ताह का समय देने की मांग को लेकर दायर शशिकला की याचिका को खारिज कर दिया। चेन्नई के मरीना बीच स्थित जयललिता की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वे कार से बेंगलूरु रवाना हुईं।

लोगों का आक्रोश फूटा

शाम को जैसे ही शशिकलाका काफिला परप्पन अग्रहार जेल की तरफ बढ़ा तो उन्हें स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोगों की भीड़ ने जेल परिसर के करीब ही शशिकला के काफिले की कारों पर धावा बोल दिया। गुस्से में भरे जयललिता समर्थकों ने शशिकला के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि उसने जयललिता को 30 साल तक धोखा दिया। भीड़ के हमले में पांच स्कार्पियो वाहन व एक इनोवा कार क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

कड़े सुरक्षा इंतजाम

शशिकला कार में चेन्नई से शाम करीब सवा पांच बजे बेंगलूरु के बाहरी इलाके में परप्पन अग्रहार स्थित केंद्रीय जेल पहुंची। शशिकला की सुरक्षा के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए और केंद्रीय कारागार से एक किमी की परिधि में निषेधाज्ञा लागू की। पुलिस ने मार्ग अवरोधक लगाकर प्रतिबंधित क्षेत्र में भीड़ को घुसने की इजाजत नहीं दी। शशिकला से पहले उनके पति नटराजन व तंबीदुरई भी परप्पन अग्राहर पहुंचे।

घर का खाना नहीं मिलेगा

इससे पहले शशिकला ने न्यायाधीश अश्वथ नारायण के समक्ष घर पर बना भोजन खाने व मिनरल वाटर का सेवन करने की इजाजत मांगी। उन्होंने दलील दी कि उन्हें रक्त शर्करा की बीमारी है और जेल का खाना खाने से उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। लेकिन न्यायाधीश ने इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया।

चिन्नम्मा अब कैदी नंबर 10711

शशिकला को जेल की महिला कैदियों की आम बैरक में रखा गया है और उन्हें कैदी नंबर 10711 के नाम से जाना जाएगा। जेल में काम करने के लिए 50 रुपए दैनिक मेहनताना व जेल परिसर में खरीदारी के लिए मासिक कूपन दिया जाएगा। शशिकला जेल में क्या काम करेंगी इस बारे में जेल अधिकारी रविवार को निर्णय करेंगे।

उन्हें अगरबत्ती व मोमबत्ती बनाने या बुनाई जैसे काम दिए जा सकते हैं। उन्हें दो साडिय़ां, एक प्लेट, एक गिलास, एक मग तथा ओढऩे के लिए एक कम्बल दिया गया है। जेल भेजने से पहले शशिकला, इलावरसी व सुधाकरन का जेल अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।

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