251 में मोबाइल देने वाली रिंगिंग बेल कंपनी को पुलिस की क्लीन चिट

नोएडा|देश के सबसे सस्ते मोबाइल की ऑनलाइन बुकिंग में धोखाधड़ी के आरोपों से पुलिस ने कंपनी को क्लीन चिट दी है। पुलिस को जांच में ऐसा एक भी ग्राहक नहीं मिला जिसका रुपये कंपनी ने वापस नहीं किया। देश में सबसे सस्ता मोबाइल देने की घोषणा करने वाली नोएडा की रिंगिंग बेल कंपनी ने बीते साल फरवरी में स्मार्टफोन बाजार में हलचल मचा दी थी।

कंपनी ने फरवरी में 251 रुपये में सबसे सस्ता मोबाइल देने की घोषणा करने के साथ ही मोबाइल की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की थी। 18 फरवरी को कंपनी की वेबसाइट अत्यधिक ट्रैफिक के कारण खराब हो गई। कंपनी के खिलाफ ग्राहकों को गलत तथ्य बताने के आरोप लगाए गए। भाजपा के मुंबई से सांसद किरीट सौमेया ने रिंगिंग बेल कंपनी के एमडी अमित गोयल तथा वरिष्ठ अधिकारी अशोक चड्ढा के खिलाफ 21 मार्च को धोखाधड़ी और 66 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में फेज-3 थाने में एफआईआर दर्ज कराई। कंपनी निदेशकों को हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत दी थी। अपराध शाखा की जांच में कंपनी को धोखाधड़ी के आरोप में क्लीन चिट दे दी गई है।

जांच में कंपनी ने 15 हजार लोगों की ऑनलाइन बुकिंग की धनराशि वापस ग्राहकों के खाते में जमा करने का साक्ष्य उपलब्ध कराया था। पुलिस को जांच में ऐसा एक भी ग्राहक नहीं मिला जिसका रुपया वापस नहीं किया।

पुलिस की जांच : पुलिस के मुताबिक फ्रीडम 251 मोबाइल की बिक्री करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल ने मुंबई की पेमेंट गेटवे कंपनी ‘सीसी एवेन्यू पे2 गेटवे’ के साथ करार किया था। पेमेंट गेटवे कंपनी ने आरबीआई से लाइसेंस लिया हुआ है। यह कंपनी ग्राहक कंपनी से निश्चित धनराशि पर ऑनलाइन भुगतान के लिए पेमेंट गेटवे उपलब्ध कराती है। इस कंपनी ने रिंगिंग बेल कंपनी के साथ करार किया था कि ऑनलाइन बुक हुए मोबाइल डिलीवर होने के बाद ही सीसी एवेन्यू कंपनी अपने यहां जमा हुई धनराशि को रिंगिंग बेल कंपनी को देगी।

भाजपा सांसद किरी सौमेया ने दर्ज कराई थी एफआईआर

21 मार्च को जब भाजपा सांसद किरीट सौमेया ने एफआईआर दर्ज कराई तो 27 मार्च को रिंगिंग बेल कंपनी ने पेमेंट गेटवे कंपनी को ग्राहकों के रुपये वापस उनके खाते में लौटाने को कहा। कंपनी के पास 14937 ग्राहकों के 74 लाख जमा थे। पेमेंट गेटवे कंपनी ने अपने 1.54 लाख का शुल्क लेकर जिन बैंक खातों से मोबाइल बुकिंग धनराशि आई थी वापस उन्हीं खातों में डाल दी।

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