पीएनबी घोटाला और आंध्र के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तहत सोमवार को पीएनबी घोटाले और आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। आभूषण कारोबारी नीरव मोदी और मेहूल चोकसी द्वारा किए गए 12,600 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के विरोध में लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस और वाममोर्चे के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा न रुकता देख लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों ने भी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सांसद करोड़ों रुपयों के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभापति के आसन के समीप आ गए। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद भी सभापति के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान इनके हाथों में आंध्र प्रदेश को केंद्र से विशेष मदद दिए जाने की मांग वाले बैनर और तख्तियां थीं।

सभापति एम.वेंकैया नायडू ने पहले सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी लेकिन जैसे ही सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11.20 बजे दोबारा शुरू हुई, हंगामा फिर शुरू हो गया। नायडू ने गुस्साए सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर जाने को कहा। नायडू ने कहा कि उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर उचित नियमों के तहत चर्चा की जाएगी लेकिन सांसद टस से मस नहीं हुए। इसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल और तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रॉय समेत कई सांसदों ने नियम 267 के तहत सभी कामकाज स्थगित कर पीएनबी घोटाले पर चर्चा की मांग के लिए नोटिस दिया। भाजपा की ओर से विनय सहस्रबुद्धे ने घोटाले में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के संबंधियों के बारे में चर्चा करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया। सभापति ने दोनों ही नोटिस खारिज करते हुए अन्य संबद्ध नियमों के तहत ये मुद्दे उठाने को कहा।

Related posts

Leave a Comment