PM मोदी ने विद्यार्थियों से की “मन की बात”

नई दिल्ली : “मन की बात” में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्र छात्राओं को तनाव मुक्त रहकर परीक्षाएं देने की सलाह देते हुए कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ अंक अर्जित करना नहीं बल्कि ज्ञान अर्जित करना होना चाहिए।

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री अक्सर सम सामयिक विषयों पर बोलते रहे हैं। इस बार उन्होंने इसका विषय बोर्ड परीक्षा में बैठने जा रहे छात्रों और उनके अभिभावकों पर केन्द्रित रखा। श्री मोदी ने परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं को ‘स्माइल मोर एंड स्कोर मोर’ का मूलमंत्र देते हुए कहा कि परीक्षा को बोझ की तरह नहीं बल्कि उत्सव की तरह लें।

परीक्षा जीवन की सफलता और असफलता का पैमाना नहीं समझी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने छात्रों के साथ ही अभिभावकों को भी सलाह दी कि वे बच्चों पर अपेक्षाओं का बोझ न लादें बल्कि उनकी क्षमताओं को स्वीकार करें और उन्हें और बेहतर बनाने में उनकी मदद करें। दसवीं और 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं नौ मार्च से शुरु होने जा रही हैं।

नए साल में ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह पहला संस्करण था जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए अधिकारों के साथ ही कर्तव्य के प्रति देशवासियों को जागरुक रहने की सलाह,गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित सेनानियों को 30 जनवरी को मौन रखकर श्रद्धांजलि देने और हिमस्खलन में जान गंवाने वाले जवानों के प्रति समवेदना प्रकट करने के साथ की।

मोदी ने देशवासियों से अपने अधिकारों के साथ ही अपने कर्तव्य के प्रति भी जागरुक रहने के आह्वान करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस केवल लोकतंत्र की स्थापना का दिवस नहीं है बल्कि ये एक संस्कार उत्सव भी है जो संविधान में प्रदत्त अधिकारों के साथ साथ हमारे कर्तव्यों, लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और हमारी जिम्मेदरियों के प्रति जागरुक बनाने का अवसर भी है। जितना बल अधिकारों पर दिया जाता है, उतना ही बल कर्तव्यों पर भी दिया जाना चाहिए। अधिकार और कर्तव्य की दो पटरी पर ही, भारत के लोकतंत्र की गाड़ी तेज़ गति से आगे बढ़ सकती है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गणतंत्र दिवस पर विभिन्न पुरस्कार से सम्मानित सेनानियों को बधाई दी और देशवासियों से अपील की कि वह देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को 30 जनवरी को बापू की पुण्यतिथि के अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अपित करें। उन्होंने खासकर युवाओं से अपील की कि वह सोशल मीडिया पर इन वीरसेनानियों के बारे में जानकारी अपने साथियों के साथ साझा करें। उन्होेंने बसंत पंचमी की शुभकामनाएं प्रेषित करने के साथ ही एक फरवरी को अपनी स्थापना के 40 वर्ष पूरे कर रहे तटरक्षक बल को बधाई भी दी और साथ ही आकाशवाणी को ‘मन की बात’ जैसा कार्यक्रम अपने प्रयासों से शुरु करने के लिए धन्यवाद भी दिया।

एजेंसी

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