करणी माता पर नहीं चढ़ेगी अगरबत्ती व चुनरी

जयपुर,  राजस्थान के बीकानेर स्थित करणी माता मंदिर में अब अगरबत्ती, चुनरी, छोटी ध्वजा श्रृंगार सामग्री नहीं चढ़ेगी। अब यहां पर केवल  गाय का दूध ही चढ़ सकेगा। प्रसाद में भी दुकानदारों को शुद्ध देशी घी की मिठाई ही रखने की हिदायत दी है। यह निर्णय मंदिर का संचालन करने वाले श्री करणी मंदिर निजी प्रन्यास ने लिया है।

चूहों को चुनरी से हो रहे घाव

करणी माता के मंदिर में चूहों (काबो) के कमजोर होने, उनमें घाव पड़ने के बाद नहीं सूखने जैसी स्थिति को देखते हुए कुछ माह पूर्व जिला कलेक्टर ने वेटरनरी कॉलेज की टीम को यहां सर्वे के लिए भेजा था।

इस टीम ने सर्वे कर बताया कि चूहों में शुगर बढ़ रही है, छोटी चुनरी को बिल में ले जाने पर लपेटने से उनके गर्दन पर घाव हो रहे हैं, अगरबत्ती का केमिकल खाने से वे बीमार हो रहे हैं।

इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर करणी मंदिर निजी प्रन्यास ने यह फैसला लिया है। वहीं प्रन्यास अध्यक्ष सेसकरण दान देपावत ने बताया कि मंदिर में काबो (चूहों) की सुरक्षा पर्यावरण संरक्षण के कारण यह निर्णय लिया गया है।

देपावत ने बताया कि मंदिर में केवल शुद्ध देशी घी से बनी मिठाई का ही प्रसाद स्वीकार किया जाएगा। इसके साथ ही मिश्री, मखाने भी चलेंगे। लेकिन चूहों को दूध पिलाने के लिए अब घर की गाय का ही दूध लाना होगा।

पैक दूध मंदिर परिसर में वर्जित है। प्रन्यास अध्यक्ष का कहना है कि जो सामग्री प्रतिबंधित की गई है, उसके नाम पर श्रद्धालुओं के साथ काफी धोखाधड़ी होती थी। अब वह भी नहीं होगी।

 

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