डायबिटीज से ग्रसित पुरुष संतान प्राप्ति के लिए बरतें ये सावधानियां

हर पुरूष चाहता है कि उसकी अपनी संतान हो जिसमें उसका रक्‍त हो। भारत में पुरूषों की ये चाहत थोड़ी ज्‍यादा ही प्रबल है। लेकिन कुछ दम्‍पत्ति ऐसे होते हैं जिन्‍हें संतान का सुख नसीब नहीं होता है। कई बार ये समस्‍या महिलाओं में होती है जिससे उन्‍हें बांझ का दर्जा मिल जाता है लेकिन पुरूष भी इनसे अनछुए नहीं हैं। कई पुरूषों में भी प्रजनन क्षमता नहीं होती है जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।

डायबटीज के बारे में सभी ने सुना होगा कि ये एक साइलेंट किलर समान है जो शरीर को खोखला बना देती है और फिर सारी बीमारियों से शरीर घिर जाता है। आजकल के दिनों में कई युवाओं को भी डायबटीज हो रही है ऐसे में उनसे क्‍या उम्‍मीद की जाये कि वो एक बीमार शरीर से एक और शरीर को पनपा सकते हैं। इन दिनों पुरूषों को लेकर कई डायबटीज कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं जो उन्‍हें जागरूक और सतर्क बना रहे हैं। डायबटीक पेशेंट को अपने ऊपर एक्‍ट्रा ध्‍यान देने की जरूरत होती है।

यहां हम आपको कुछ ऐसी ही बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे पुरूष की प्रजनन क्षमता मजबूत होती है और संतान की प्राप्ति होती है…

हेल्‍दी डाइट – यदि किसी पुरूष को डायबटीज हो गई है और वो संतान प्राप्ति की इच्‍छा रखता है तो उसे अपनी डाइट पर विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। इस तरह से आप प्रेग्‍नेंसी को प्‍लान कर सकते हैं।

उच्‍च तापमान को एवॉयड करें – जिन पुरूषों को डायबटीज हो वो उच्‍च तापमान वाले स्‍थानों पर न जाएं। इससे उनके स्‍पर्म कम होते हैं और प्रेग्‍नेंसी पर प्रभाव पड़ सकता है यानि इंटरकोर्स करने के बाद भी प्रॉपर स्‍पर्म न पहुँच पाने के कारण भ्रुण नहीं बन पाता है।

भावनात्‍मक समर्थन – डायबटीज से ग्रसित पुरूष में लिबिडो की कमी हो जाती है जिसकी वजह से प्रेग्‍नेंसी प्रभावित होती है। ऐसे पुरूषों को अपने पार्टनर से खुलकर बात करनी चाहिए और अपनी कांसउलिंग करवानी चाहिए ताकि वो संतान प्राप्‍त कर सकें।

थकान का उपाय – डायबटीज से ग्रसित पुरूषों को थकान बहुत जल्‍दी होती है ऐसे में इंटरकोर्स के दौरान थकान हो जाती है और पुरूष लास्‍ट चरण तक पहुँचने से पहले ही स्‍खलित हो जाता है या हो ही नहीं पाता है। ऐसे में थाकन को दूर और बॉडी को बूस्‍ट करने के लिए पुरूषों को स्‍पेशली कुछ करना चाहिए।

हारमोन को बैलेंस करना – डायबटीज के दौरान शरीर में इंसुलिन का स्‍तर कम हो जाता है और इस वजह से कई लोगों को भोजन करने से पहले इंसुलिन का इंजेक्‍शन भी देना पड़ता है। इंसुलिन कम होने की वजह से अन्‍य प्रोडक्टिव हारमोन पर भी असर पड़ता है। ऐसे में आपको हर दो से चार महीने में प्रॉपर चेकअप करवाते रहना चाहिए और उसका ट्रीटमेंट करवाना चाहिए।

व्‍यायाम करें – डायबटीक पुरूषों को आराम करना चाहिए। इससे भी ज्‍यादा जरूरी है कि वो व्‍यायाम करें। व्‍यायाम करने से आधी समस्‍या अपने आप ही समाप्‍त हो जाती है। साथ ही प्रजनन की क्षमता भी बढ़ती है।

मेडीकल सपोर्ट – डायबटीज की वजह से कई बार कई अन्‍य बड़ी समस्‍याएं भी उभर कर आ जाती है। जिनमें से स्‍खलन या स्‍वप्‍नदोष भी एक दिक्‍कत हो सकती है। ऐसे में ब्‍लेड़र पर असर पड़ने के कारण ऐसा होता है। इसके लिए मरीज को डॉक्‍टर से सही सलाह लेनी चाहिए।

एंटी-ऑक्‍सीडेंट रिच फूड – डायबटीज से ग्रसित पुरूषों को एंटी ऑक्‍सीडेंट से भरपूर भोजन या फूड सामग्री कासेवन करना चाहिए। इससे उनके शरीर में ब्‍लड़ सुगर का लेवल संतुलित हो जाएगा और फ्री रेडिकल्‍स भी बैलेंस भी जाएंगे। अगर कोई जेनेटिक समस्‍या होगी वो भी दूर हो जाएगी। साथ ही स्‍पर्म क्‍वालिटी भी अच्‍छी हो जाएगी।

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