गुजरात: मनमाफिक मंत्रालय नहीं मिलने से नाराज नितिन पटेल ने नहीं संभाला पदभार

गांधीनगर। गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण नहीं किया, जबकि उनके बाकी सभी कैबिनेट सहयोगियों ने अपने-अपने पदभार ग्रहण कर लिए। बताया जा रहा है कि उप-मुख्यमंत्री कम महत्व वाले विभाग दिए जाने से नाराज हैं। वहीं, मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने की वजह से पूर्व वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री बाबूभाई बोखिरिया और पूर्व राज्यमंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने भी नाराजगी व्यक्त की है।

इस वजह से नाराज हैं नितिन पटेल –

पिछली सरकार में नितिन पटेल के पास वित्त, पेट्रोकैमिकल, शहरी विकास एवं आवास, सड़क एवं इमारत, पूंजीगत परियोजना, नर्मदा और कल्पसार विभाग थे। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनसे वित्त, पेट्रोकैमिकल, शहरी विकास एवं आवास विभाग ले लिए हैं। लिहाजा, नाराज नितिन पटेल अपने कार्यालय तो नहीं ही गए, बल्कि सचिवालय रिपो‌र्ट्स के मुताबिक उन्होंने सरकारी वाहन की बजाय अपने निजी वाहन का उपयोग किया।

यही नहीं, गुरुवार को नई कैबिनेट की पहली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी वह काफी उदास और खोए-खोए दिखे। इस दौरान वह पूरी तरह खामोश रहे। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बेहद महत्वपूर्ण वित्त एवं पेट्रोकैमिकल विभाग इस बार सौरभ पटेल को दिए गए हैं।

सौरभ पटेल धीरूभाई अंबानी के बड़े भाई रमणिक अंबानी के दामाद हैं। हालांकि, अगस्त 2016 में जब रूपाणी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी तो उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया था। शहरी विकास और आवास विभाग मुख्यमंत्री रूपाणी ने इस बार अपने पास रखा है।

मालूम हो कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उनकी टीम ने 26 दिसंबर को शपथ ली थी, लेकिन अपनी टीम के विभागों का बंटवारा करने के लिए उन्होंने 48 घंटों से भी ज्यादा का समय लिया और गुरुवार रात को उसे अंतिम रूप दिया। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कथित रूप से हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का नाम तय करने में व्यस्त थे और रूपाणी उन्हें विश्वास में लिए बिना कोई फैसला नहीं करना चाहते थे।

 

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