Movie review: देशभक्ति से तर एक्शन सिनेमा है ‘टाइगर जिंदा है’

एक अच्छी फिल्म का अनुभव और भी रोचक हो जाता है जब उसमें सुपरस्टार तो हो ही लेकिन वो सुपरस्टार एक किरदार बनकर आपके साथ चले और उसकी यात्रा में आप शामिल हो जाए। एक एेसा ही लार्जर देन लाइफ किरदार गढ़ा था डायरेक्टर अली अब्बास जफ़र ने जिसका नाम है ‘टाइगर’। टाइगर के हैरतअंगेज कारनामे, देशभक्ति और उसका जज्बा हमने फिल्म ”एक था टाइगर” में देखा। वो फिल्म जहां छूटी थी वहीं से शुरू होती है फिल्म ”टाइगर जिंदा है”।

रॉ को एक मिशन के लिए टाइगर की जरुरत होती है। वहीं टाइगर दूसरी तरफ एल्स पर्वत पर किसी दूर इलाके में अपनी पत्नी जोया जो पाकिस्तानी एजेंट रही है वो और अपने बेटे के साथ गुमनाम लेकिन सुखी जिंदगी जी रहा है। एेसे में जब रॉ को जरूरत होती है तो टाइगर को ढूंढा जाता है। तब टाइगर मिलता है। दरअसल, रॉ के पास सीरिया में आईएसआई द्वारा बंदी बनाई गई 25 भारतीय नर्सों को छुड़वाने का मिशन है जिसके लिए उन्हें टाइगर की जरुरत रहती है। इनको बचाने का काम टाइगर को दिया जाता है। क्या टाइगर इस मिशन के लिए तैयार होगा? क्या वो तैयार होता तो सफल हो पाएगा? इसी ताने-बाने पर टाइगर जिंदा है गढ़ी गई है।

डायरेक्टर अली अब्बास जफ़र ने पहली ही फ्रेम से अपने इरादे ”टाइगर जिंदा है” के साथ बता दिए कि वो किस तरह का सिनेमा बनाना चाहते हैं। पहले ही दृश्य से हैरतअंगेज कारनामे टाइगर करता नज़र आता है आप एक उम्मीद लगा लेते हैं कि पूरी फिल्म में बहुत कुछ देखने मिलने वाला है। यह प्रॉमिस वो पहले ही सीन में कर देते हैं। और पूरी फिल्म देखने के बाद आप नाउम्मीद भी नहीं होते। एक हैरतअंगेज कारनामे, टाइगर की बहादुरी और देशभक्ति का जज्बा पूरी फिल्म को अपने घेरे में लपेटे हुए है। शानदार सिनेमेटोग्राफी, कमाल का स्क्रीनप्ले और एक बंधी हुई कहानी फिल्म को रोचक बना देती है। आप हर दृश्य पर फिल्म से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। कहीं आपको फिल्म हिलने का मौका नहीं देती। एक तरह से फिल्म दर्शकों को बांधने में कामयाब रही है।

‘टाइगर जिंदा है’ बेशक एक अलग एक्शन थ्रिलर सिनेमा है जिसे अली ने दर्शकों के सामने पेश किया है। और जो वादा उन्होंने शुरुआत में दर्शकों से किया था उसे आखिरी फ्रेम तक निभाया। एक रोचक जासूसी कहानी, कसा हुआ स्क्रीन प्ले और डायलॉग्स के साथ-साथ बेहतरीन स्टंट्स एक्शन व सटीक लोकेशन, शानदार कैमरा वर्क और एडिटिंग के साथ सलमान खान जैसे सितारे की मौजूदगी फिल्म को दर्शनीय बना देती है।

अभिनय की बात की जाए तो सलमान के लिए गढ़ा हुआ किरदार टाइगर उन्होंने बहुत ही बेहतरीन ढंग से अदा किया है। जोया के रूप में कटरीना कैफ भी मेहनत करती नज़र आती हैं। इसके अलावा अंगद बेदी, कुमुद मिश्रा और नेहा हिंगे भी अपने किरदारों की छाप छोड़ने में कामयाब रहे। सज्जाद डेल फ्रूज़ ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। कुल मिलाकर टाइगर जिंदा है एक मनोरंजक फिल्म है। एक ऐसा स्पाय थ्रिलर जिसके सीक्वेल जेम्स बांड की तरह बनाए जा सकते हैं। आप परिवार के साथ टाइगर जिंदा है देख सकते हैं यह आपको निराश नहीं करेगी।

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