नोटबंदी का मकसद बड़ी और साफ सुथरी अर्थव्यवस्था बनाना : जेटली

नई दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में वर्ष 2017-18 का आम बजट पेश कर दिया है। उन्होंने कहा कि कालेधन, नकली नोट और आंतकवाद के वित्त पोषण पर प्रहार के उद्देश्य से की गयी नोटबंदी का असर नये वित्त वर्ष में नहीं रहेगा। जेटली ने बजट पेश करते हुये कहा कि नोटबंदी का मकसद बड़ी और साफ सुथरी अर्थव्यवस्था बनाना है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महंगाई दर को नीचे लाने में सफल रही है। मुद्रास्फीति भी घटी है और वर्ष 2017 में विकास दर बढे़गी। दुनिया भर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश घटा है लेकिन भारत में यह बढ़ा है। चालू खाते का घाटा कम हुआ है और यह चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में जीडीपी का 0.3 प्रतिशत रहा है।

उन्होंने बजट भाषण के शुरुआत में बदलाव को अपनाने के लिए कहा। उन्होंने यह शायरी पढ़ी ‘जो बात नई है, उसे अपनाइए आप। डरते हैं क्यों नई राह पर चलने से, हम आगे आगे चलते हैं, आइए।’ पहली बार आम बजट के साथ रेल बजट को पेश करते हुये श्री जेटली ने कहा कि रेलवे की स्वायत्त्तता बनी रहेगी। सरकार की आर्थिक नीतियों के केंद्र में रेलवे है।

वित्त मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में मददगार मनरेगा के आवंटन में भारी बढोतरी करने का ऐलान करते हुये कहा कि बजट 10 बड़ी बातों पर केन्द्रित है जिनमें किसान, गांव,युवा, गरीब, इन्फ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय क्षेत्र, डिजिटल इंडिया, सरकारी सेवा, वमितव्ययीता और सरल कर शामिल है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए वर्ष 2017-18 में 1,87,223 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 2,814 करोड़ रुपये, मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वर्ष 2016-17 में मनरेगा के लिए 38,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।

उन्होंने कहा कि 10 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य रखा गया। फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़ अतिरिक्त का प्रावधान किया गया है। नाबार्ड के लिए 20 हजार करोड़ के आवंटन का प्रावधान है। नाबार्ड के तहत सिंचाई के लिए दीर्घकालिक आवंटन को 30 हजार करोड़ रुपये से बढाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की नई पेंशन योजना आयेगी। वरिष्ठ नागरिकों को आधार आधारित स्वास्थ्य कार्ड जारी करने की योजना है।

एजेंसी

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