नासा ने ढूंढा 8 ग्रहों वाला एक और सोलर सिस्टम, कहा हो सकते हैं एलियन

लंदन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हमारे सौर मंडल के जैसा ही एक अन्य सौर मंडल खोज निकाला है। इस सोलर सिस्मटम में आठ ग्रह भी हैं। इसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। नासा के केपलर स्पेस टेलिस्कोप ने इस सोलर सिस्टम की खोज की है।

केपलर स्पेस टेलिस्कोप को साल 2009 में लॉन्च किया गया था और इसने 1.5 लाख तारों को स्कैन किया था। एस्ट्रोनॉमर्स ने केप्लर डाटा के जरिए अब तक 2,500 ग्रहों की खोज की हैं। दरअसल, यह स्टार सिस्टम पहले ही खोजा गया था। मगर, अब इसके आठवें ग्रह की भी पहचान कर ली गई है। केपलर-90 सोलर सिस्टम के इस आठवें ग्रह का नाम केपलर 90i है। यह दूसरे सोलर सिस्टम का सबसे छोटा ग्रह है।

नासा के अनुसार यह सौरमंडल हम से 2,545 प्रकाश वर्ष दूर है। ऑस्टिन की टेक्सास विश्वविद्यालय के नासा सागन पोस्टडोक्चरल फेलो एंड्रयू वेंडरबर्ग बताते हैं कि यह ग्रह पृथ्वी की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत बड़ा होने का अनुमान है। मगर, यह ऐसी जगह है, जहां आप जाना नहीं चाहेंगे क्योंकि उसका धरातल बहुत ही ज्यादा गर्म है।

इस खोज में गूगल के आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली गई, जो इंसानों के रहने योग्य ग्रहों की तलाश करने में मदद करेगा। गूगल और नासा के इस प्रोजेक्ट द्वारा हमारे जैसे ही सौर मंडल की खोज से इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि ब्रह्मांड में किसी ग्रह पर ऐलियन हो सकते हैं।

एंड्रयू वांडबर्ग ने कहा कि नया ग्रह पृथ्वी से करीब 30 फीसद बड़ा माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां काफी चट्टानें हैं और वातावरण भी घना नहीं है। सतह का तापमान काफी ज्यादा है और इससे लोग झुलस सकते हैं।

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