राजस्थान के अपनाखाता प्रोजेक्ट को अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार

नई दिल्ली, 22 जून। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र, राजस्थान के भू-अभिलेख कम्प्यूटीकरण प्रोजेक्ट अपनाखाता को अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। हॉल ही में नई दिल्ली में आयोजित ई-वल्र्ड फोरम 2012 का वर्ष के सूचना प्रोद्यौगिकी एवं संचार आधारित श्रेष्ठ ग्रामीण विकास के प्रयासों के अन्तर्गत पब्लिक चोईस अॅवार्ड एन.आई.सी. के एलआरसी अपना खाता को दिया गया है।
नई दिल्ली में होटल ली-मेरीडियन में आयोजित एक भव्य सामारोह में एनआईसी, राजस्थान की टीम के सदस्यों ने भारी करतल ध्वनि के बीच सुश्री काईडलिन वाईसेन, कंट्री हैड, यूएनडीपी, एस रघुनाथन, आईएएस, (भूतपूर्व मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार) अनिल श्रीवास्तव आई.ए.एस.ए संयुक्त महानिदेशक एडी.जी.सी.ए. एवं सी.एम.डी. पवन हंस हैलीकॉप्टर्स लिमिटेड से यह पुरस्कार प्राप्त किया। पुरस्कार स्वरूप ट्राफी एवं प्रशस्ति-पत्र प्राप्त करने वाली टीम में के. एल.जावरिया (वरिष्ठ तकनीकि निदेशक), प्रभाकर (सीनियर सिस्टम ऐनालिस्ट), अमित माथुर (सीनियर सिस्टम ऐनालिस्ट), चन्दनसेन (तकनीकि निदेशक एवं डीआईओ, बून्दी) शामिल थे। इस कार्यक्रम में 18 से अधिक देशों ने भाग लिया।
प्रोजेक्ट के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक  के. एल. जावरिया ने बताया की राज्य सूचना अधिकारी इन्दु गुप्ता के कुशल नेतृत्व में अपना खाता के द्वारा भू-अभिलेखों का संधारण सुव्यस्थित तरीके से किया जा रहा है और इन सूचनाओं को आम जनता, विशेषकर ग्रामीण जनता को सरलता से उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से राजस्थान राज्य की ग्रामीण जनता को भू-अभिलेख सम्बन्धित जानकारी समय पर उपलब्ध हो रही हैं एवं राज्य इस दिशा में अपने प्रयासों से नित नये आयाम स्थापित कर रहा है।
इस अवसर पर जावरिया ने राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र अधिकारी एनआईसी इन्दु गुप्ता टीम को पुरस्कार प्राप्त करने पर खुशी जाहिर की।

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