दस से अधिक पुराने नोट रखने पर कम से कम 10 हजार का जुर्माना

नई दिल्ली, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पांच सौ और एक हजार के नोट बंद करने के सरकार के फैसले से संबंधित विनिर्दिष्ट बैंक नोट (दायित्वों की समाप्ति) विधेयक 2017 लोकसभा में पेश कर दिया। इस विधेयक में यह प्रस्ताव है कि पुराने 500 और 1000 रुपये के दस से अधिक नोटों को रखने पर कम से कम 10 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है।

नोटबंदी के फैसले का विरोध कर रही तृणमूल कांग्रेस ने सदन में विधेयक के पेश किए जाने का विरोध किया। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष की इजाजत के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ‘मनी बिल’ के तौर पर विधेयक पेश कर दिया। यह विधेयक आठ नवंबर 2016 को जोरी नोटबंदी के अध्यादेश की जगह लेगा। कांग्रेस सहित लगभग सभी विपक्षी पार्टियां नोटबंदी का विरोध करती रही हैं। तृणमूल कांग्रेस जहां नोटबंदी को वापस लेने की मांग करती रही है, वहीं कांग्रेस लोगों को हुई परेशानी के मुद्दे पर जनआक्रोश सम्मेलन कर रही है। लोकसभा में सरकार के पास बहुमत है, इसलिए विधेयक पारित कराने में कोई मुश्किल नहीं होगी। हालांकि, कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां यह कोशिश करेंगी कि विधेयक बजट सत्र के पहले हिस्से में पारित नहीं हो सके।

सरकार ने इस विधेयक ‘मनी बिल’ के तौर पर पेश किया गया है। ऐसे में इसे राज्यसभा की मंजूरी जरूरी नहीं है। पर विपक्षी पार्टियां विनिर्दिष्ट बैंक नोट (दायित्वों की समाप्ति) विधेयक-2017 में संशोधन पेश कर सकती है। राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है। ऐसे में राज्यसभा विधेयक में कोई संशोधन पारित करती है, तो सरकार को विधेयक पर संशोधित रुप में एक बार फिर लोकसभा की मुहर लगवानी जरुरी होगी।

विधेयक का विरोध
लोकसभा में शुक्रवार को विधेयक पेश करते वक्त वित्त मंत्री अरुण जेटली और टीएमसी सांसद सौगत राय के बीच सदन के नियमों को लेकर बहस हुई। सौगत राय ने विधेयक को गैरकानूनी बताते हुए नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद को भरोसे में लिए बगैर नोटबंदी का ऐलान किया। वहीं, वित्त मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि किसी विधेयक का उसका विधायी क्षमता या असंवैधानिक होने के आधार पर ही विरोध किया जा सकता है। अरुण जेटली ने कहा कि तृणमूल सदस्य सिर्फ यह कहकर विरोध नहीं कर सकते कि विधेयक सही नहीं है।

बदलवा सकते हैं नोट
विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि कोई नागरिक आठ नंवबर से तीस दिसंबर 2016 के बीच देश से बाहर था, उसके पास आठ नवंबर या उससे पहले के पांच सौ और एक हजार के अमान्य किए गए नोट रखे हुए थे, तो वह व्यक्ति ऐसी घोषणाओं और कथनों के साथ अनुग्रह अवधि के भीतर रिजर्व बैंक के कार्यालयों में जमा करा सकते हैं।

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